आरती श्री सव्यंभू माँ शीतला माता की आरती । Aarti shrre sheetla mata maiya sihawa

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स्यंभू आदि माँ शीतला (सिहावा)

आरती श्री शीतला माता मैया

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। 
आदि अनादि शक्ति, तुम सबके सुख दाता।। जय. 

रत्न सिहासन सुशोभित श्वेत छत्र भाता।
 गाँव शहर टोला टोली, सबको शान्ति दाता।जय

 बहा विष्णु महेश, नारद शारद गुण गाता 
ऋद्धिसिद्धि र बुरावे अति सुख पाता। जय 

वेद पुराण शास्त्र कोई भी पार नहीं पाता। 
शांति कांति करूणा कृपा, काया माया आता ॥ जय

 रोगी भोगी योगी लगावे, तुम्हारे शरण से नाता 
सकल मनोरथ पुरा होवे, जगति धरती के जाता। जय 

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता
 आदि अनादि शक्ति, तुम सबके सुख दाता। जय


माँ शीतला सिहावागढ़ वाली की आरती

(रचना-श्री बिहारी सिंह गौतम)

ॐ जय शीतला माई, भैया जय सिहावा गढ़ वाली माई। 
तेरा पावन दर्शन तेरा उज्जवल दर्शन, सुख देता माइ।। ॐ जय 

सप्तऋषियों के आवहन पर भूमंडल प्रगटी माई 
प्रगट भई सिहावा में माँ अमृत बरसाई।। ॐ जय 

तू ही दुर्गा तू ही जगदम्बा, तू ही काली माई
 शीतला महतारी सबकी कहलाई।। ॐ जय 

दन्तेश्वरी और मावली माता संग मे तेरे आई। 
धन्य हुआ सिहावा गढ़, दर्शन से माई।। जय

 दया स्वरूपा जननी, आनंद महामाई
 मैया जी को कंचन माल विराजत, अगर कपुर बाती

 जगमग रूप प्रकाशत, सिहावा गढ़ को पावन बनावत ।। 

धमतरी विन्ध्यवासिनी, काकेर सिंहवाहिनी कहलाई।
 मल्हारी ठाकुर देव के संग, साकस गादी माई ।। 

गाँव गाँव में पूजावत माता, सबके हृदय समाई ज 
वेद तेरे महिमा बखानत बाल गिरी ध्वजा ले जावत।। 

मोकला माँझी सेवा बजावत, लगुर वीर चलत अगुवानी। ॐ जय 
शीतला मैया की आरती जिसने भी गाइ। 
मनवोछित फल पावत, मुक्ति पाई। ज ते पावन दर्शन 

तेरा उज्जवन दर्शन सुख देता माई। 
ॐ जय शीतला माई, मैया जय सिहावा गढ़ वाली माई ||


आरती शीतला माता की

चरण कमल कर लिजिए आसरा जय देवी कल्याण करे। 
फुल पत्र हम ध्वजा नारियल ले के भेट दिये। 

हुम धूप माँ चन्दन मलागर ओ मैं तुमको ये जग दिये।
 पान खात मुख लाल भये माँ सिर के सेन्दुर लाल भये । 

माथे में टिकली मस्तक मुकुटी माँ मोती बराबर झलक करे।
 बत्तीस मूर के बेनी गधाले माँ, नौ मन झाबा झलंक रहे।

 मृग पिताम्बरी के पोसाक, पहिरे माँ मान सरोवर स्नान गये।
 जयन्ती काली मंगल काली माँ जय काली कल्याण करे।

 रक्त मावली सिंह सवारनी जय देवी कल्याण करे।
चरण कमल कर लिजिए आसरा जय देवी कल्याण करे।

शीतला माता की जय
माता सेवा गुरु देताल
(संकलित)

जय माँ शीतला

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानो, सब फल दाता।। जय

 रतन सिहांसन शोभित, श्वेत छत्र माता,
ऋद्धि सिद्धि मिल चंवर डोलावे, जगभग छवि धाता।। जय.... 

विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवे शिव धाता,
वेद पुराण पार नहीं पाता।। जय शीतला....

इंद मृदंग बजावत, चन्द्र वीणा हाथा,
सूरज ताल बजावै, नारद मुनि गाता।। जय शीतला

घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता, 
करे भक्त जन आरती लखि-लखि हर्षाता।। जय शीतला

ब्रम्ह रूप वरदानी, तू ही तीन काल ज्ञाता, 
भक्तन को सुख देती मातु पिता भ्राता।। जय शीतला

जो जन ध्यान लगावै प्रेम शक्ति पाता..
सकल मनोरथ पावै भवनिधि तर जाता।। जय शीतला.....

रोगों से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता
कोढी पावै निर्मल काया-अंधन नेत्र पाता।। जय शीतला..... 

बाझ पुत्र को पावै, दरिद्र कट जाता,
ताको मजै जोनाहि सिर धुनि ।। जय शीतला......

शीतल करती जन को तू ही है जग त्राता,
उत्पत्ति बाला विनाशन तू सब की माता।।

 जय शीतला दास नारायण कर जोरी माता.
भक्ति अपनी दीजै और न कुछ माता।। जय शीतला.....

(सकलनकर्ता श्री चौरसिया जी




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